मैं आ गया प्रभु की शरण…
है बड़ा सौभाग्य मेंरा, प्राप्त हैं प्रभु के चरण। धन्य यह जीवन हुआ मैं आ गया प्रभु की शरण।। जन्म यह दुर्लभ बड़ा अनमोल है प्रत्येक क्षण। फिर मिले या ना मिले प्रभु का भजन प्रभु का सदन। भटकना अब और कितना बस हुआ आवागमन। भ्रमण का हो अंत प्रभु अब हो यही अंतिम मरण।। भजन के...
श्री मार्तंड प्रभु गादी अष्टमी
श्रीसंस्थान में गादी अष्टमी के पर्व की अपनी एक अलग विशेषता है। इस पर्व का इतिहास श्री सदगुरू मार्तंड माणिकप्रभु महाराज के जीवन की अत्यंत महत्वपूर्ण घटना से जुड़ा हुआ है। सन् १९१६ में श्री प्रभु के महिमामंडित सिंहासन पर श्रीमन्मार्तंड माणिकप्रभु महाराज विराजमान् थे।...


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