श्रीजी का दत्तजयंती प्रवचन

श्री दत्तजयंती महोत्सव २०२० के अवसर पर श्रीजी द्वारा ‘आत्मस्वरूप’ इस विषय पर दिये गए प्रवचन का वीडियो आज श्रीसंस्थान के यूट्यूब चॅनल पर अपलोड किया गया है। जिज्ञासु भक्तजन इस वीडियो को देखकर अपने आत्मस्वरूप के विषय में चिंतन मनन करें।

Md. Azaruddin and Md. Kaif Invited to Maniknagar.

Shri Anandraj Manik Prabhu, President, Manik Sports Academy (MSA) and Charudatt Prabhu, Secretary MSA met Mohammad Azharuddin, former captain, Indian cricket team and Mohammad Kaif, former India player at KBN Cricket Ground, Gulbarga today. Both the cricketers were happy to learn about sports and educational activities of Maniknagar and said that they would be happy to visit Siddharaj Cricket Ground at Maniknagar very soon. Presently MSA is providing professional coaching to the sportsmen of this region in sports like Athletics, Cricket, Volleyball, Badminton, Swimming and Basket Ball. Today more than 200 talented young students are seeking training under the able guidance of expert coaches in various disciplines. The world class sports infrastructure here at Maniknagar is attracting a lot of sports loving enthusiastic people from around this region thus giving this place a unique identity as a flourishing sports hub of North Karnataka. The President of MSA Shri Anandraj Manik Prabhu said that MSA is planning to organize a sports festival at Maniknagar very soon, wherein various sporting events will be conducted to raise awareness regarding sports culture. This event will also aim at encouraging boys and girls of this region to seek professional training in various sports. The MSA has invited many renowned and successful sports personalities of various fields to visit Maniknagar and inspire the trainees in coming days.

श्रीगुरु प्रतिपदा पर्व संपन्न

माघ कृष्ण प्रतिपदा का दत्त संप्रदाय में अनन्यसाधारण महत्व है। आज के परम पवित्र पर्व पर ही भगवान्‌ श्री दत्तात्रेय के द्वितीय अवतार श्री नृसिंह सरस्वती स्वामी महाराज का श्रीशैल के अरण्य में निजानंद गमन हुआ था। माणिकनगर में प्रतिवर्ष गुरु प्रतिपदा के अवसर पर पूजा आदि कार्यक्रम विधिवत्‌ संपन्न किए जाते हैं। आज श्रीगुरु प्रतिपदा के अवसर पर भगवान्‌ श्री दत्तात्रेय के मंदिर में महापूजा संपन्न की गई। इस महापूजा के अंतर्गत प्रभु मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन औदुंबर वृक्ष की भी आरती तथा पूजा संपन्न हुई। महापूजा के समय भक्तजनों ने सांप्रदायिक भजन का आयोजन किया। पूजा के उपरांत भक्तजनों ने भंडारखाने में महाप्रसाद का लाभ लिया।

श्री गुरु पौर्णिमा उत्सव

सन्‌ १४५८ की माघ कृष्ण प्रतिपदा को श्री नृसिंहसरस्वती स्वामी महाराज ने श्रीशैल क्षेत्र में अपने भौतिक स्वरूप को आच्छादित किया था इसलिए यह पर्व श्रीगुरु प्रतिपदा के नाम से प्रसिद्ध है। श्रीप्रभु संस्थान में प्रतिवर्ष श्रीगुरु प्रतिपदा के परम पावन अवसर पर महापूजा और भजनादि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्रतिपदा से एक दिन पूर्व माघ पौर्णिमा के दिन ब्रह्मचारी, श्रीप्रभु की झोली लेकर माणिकनगर ग्राम में भिक्षाटन करते हैं। वर्षभर में केवल इसी विशेष पर्व पर गांव के प्रत्येक घर से प्रभु की झोली भिक्षा स्वीकार करती है। इस पर्व पर साक्षात्‌ प्रभु ही झोली लेकर हमारे घर भिक्षा के लिए पधारे हैं ऐसी भावना से माणिकनगर के सभी ग्रहस्थ अत्यंत आदर एवं भक्ति से अपने आंगन में दत्तप्रभु की झोली का स्वागत करते हैं।

गांव की महिलाऍं आज के दिन झोली के स्वागत के लिए अपने-अपने घरों के आंगन को गोबर से लीपकर रंगोलियों एवं फूलों से सजाकर गलियों की शोभा बढाती हैं। विविध पुष्प-पल्लवों से और आम के तोरणों से सजे हुए घरों के सुंदर द्वार सर्वत्र उत्साह एवं आनंद की लहर को बिखेरते हैं। ब्रह्माचारी की पूजा- आरती संपन्न करने के बाद घर के यजमान श्रद्धायुक्त अंतःकरण से झोली में यथाशक्ति द्रव्य अथवा धान्य अर्पित करके महाप्रसाद स्वीकार करते हैं।

यह परंपरा यहॉं पिछले १८० वर्षों से चली आ रही है। गांव के सभी घरों से भिक्षा लेने के पश्चात्‌ प्रभु की झोली महाराजश्री के निवास पर पधारती है। यहॉं स्वयं श्रीजी झोली लेकर आए हुए प्रभु स्वरूप ब्रह्मचारियों की पूजा संपन्न करके भिक्षा समर्पित करते हैं। पौर्णिमा के दिन भिक्षा में प्राप्त जो धान्य संग्रहित होता है, अगले दिन उसी धान्य-सामग्री से भंडारखाने में महाप्रसाद बनाया जाता है और अगले दिन श्रीगुरुप्रतिपदा की महापूजा के उपरांत इस महाप्रसाद को भक्तजन ग्रहण करते हैं। प्रभु का प्रसाद तो दिव्य होता ही है परंतु श्रीगुरुप्रतिपदा की भिक्षा का यह महा प्रसाद अत्यंत विशिष्ट माना गया है। इस महाप्रसाद को प्राप्त करने से मनुष्य पाप मुक्त होकर श्रीप्रभु की असीम अनुकंपा का अधिकारी बन जाता है, ऐसी मान्यता है। इस वर्ष भी प्रतिवर्षानुसार गुरुपौर्णिमा के अवसर पर भिक्षाटन का कार्यक्रम परंपरा के अनुरूप संपन्न हुआ। कल श्री गुरु प्रतिपदा के अवसर पर आयोजित होने वाली महापूजा तथा भंडारखाने में होने वाले महाप्रसाद के कार्यक्रम का लाभ लेने के लिए हम सभी सद्भक्तों को निमंत्रित करते हैं।

आज का प्रवचन यूट्यूब पर देंखें

जय गुरु माणिक! आज गुरु पौर्णिमा के अवसर पर श्रीजी ने यूट्यूब वीडियो के माध्यम से भक्तजनों को संबोधित करते हुए ‘चमत्कार’ इस विषय पर प्रवचन किया। श्रीजी का यह प्रवचन यूट्यूब पर ‘माणिक प्रभु’ इस चैनल पर उपलब्ध है। यहॉं दिये हुए लिंक से भी आप वीडियो तक पहुँच सकते हैं। हम आशा करते हैं, कि इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक भक्तजन श्रीजी के इस मार्गदर्शन ला लाभ प्राप्त करेंगे।