आज का प्रवचन यूट्यूब पर देंखें
जय गुरु माणिक! आज गुरु पौर्णिमा के अवसर पर श्रीजी ने यूट्यूब वीडियो के माध्यम से भक्तजनों को संबोधित करते हुए ‘चमत्कार’ इस विषय पर प्रवचन किया। श्रीजी का यह प्रवचन यूट्यूब पर ‘माणिक प्रभु’ इस चैनल पर उपलब्ध है। यहॉं दिये हुए लिंक से भी आप वीडियो तक पहुँच सकते हैं। हम...
श्रीमत्कालाग्निरुद्र स्थापना पर्व
तभी श्रीजी ने व्यवस्थापकों को बताया, कि भंडारखाने के पीछे प्रभु मंदिर के निर्माण के समय से कुछ पत्थर पड़े हैं और उन शिलाओं में खोजने पर शायद किसी देवता की मूर्ति मिल जाए। श्रीजी की इस आज्ञानुसार जब उस स्थान पर पत्थरों के टीले को हटाया गया तो वहॉं काले पाषाण में तराशी हुई हनुमानजी की एक अत्यंत सुंदर मूर्ति मिली। इ. स. 1916 के माघ
आज दिपवाळी जन्मदिवस उगवला
भक्तापत्कुलनाशकं गुरुपदे मग्नं स्वबोधामृतैः ज्ञानानन्दकरं निजाश्रितनृणां विद्यान्नसन्तर्पिणम्। दीनार्तेषु कृपाकरं ह्यभयदं श्रीसिद्धराजं गुरुं माणिक्यप्रभुमाश्रयामि परमं शं नो भवेत्सर्वदा ।। श्री सद्गुरु सिद्धराज माणिकप्रभु महाराज की ८२वीं जयंती के अवसर पर आज शाम महा...
महत्वपूर्ण सूचना
अब श्रीजी की तबियत में बहुत सुधार है और कुछ दिनों की विश्रांति लेकर वे जल्द ही पूरी तरह से स्वस्थ एवं कार्यप्रवण होंगे ऐसा हमारा विश्वास है। यशोदा अस्पताल के उन सभी चिकित्सकों का एवं कर्मचारियों का हम अभिनंदन करते हैं जिन्होंने अत्यंत दक्षता से श्रीजी का इलाज किया और अपनी अत्यंत बहुमूल्य सेवा श्रीचरणों में समर्पित की। भक्त परिवार में ऐसे अनेक चिकित्सक हैं जिनका सतत सहयोग एवं मार्गदर्शन हमें श्रीजी के इलाज के दौरान प्राप्त हुआ, हम उनका भी साभार अभिनंदन करते हैं। हम श्रीसंस्थान की ओर से उन समस्त भक्तजनों को धन्यवाद समर्पित करते हैं जिन्होंने श्रीजी के
जय श्री राम
इन दिनों अयोध्या में प्रभुराम की जन्मस्थली पर एक भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। हम सबके लिए यह अत्यंत गर्व एवं आनंद का विषय है, कि जन्मभूमि न्यास ने देशभर में जो निधि संग्रह अभियान चलाया है उसमें सभी भारतीय बड़ी श्रद्धा के साथ अपना सहयोग दे रहे हैं।
स्वर्ण जयंती वर्ष का शुभारंभ
विद्यालय के सभी विद्यार्थी, कर्मचारी तथा निमंत्रित अतिथियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। अरती एवं प्रसाद वितरण के पश्चात प्रभु मंदिर के प्रांगण में स्कूल बैंड तथा एन.सी.सी. कॅडेट्स के विशेष सलामी के बीच श्रीजी का आगमन हुआ। प्राचार्या महोदया के भाषण के बाद श्रीप्रभु की महा आरती संपन्न हुई और ‘सुवर्ण ज्योति’ को प्रज्ज्वलित कर श्रीजी ने सांकेतिकरूप से स्वर्ण जयंती वर्ष का शुभारंभ किया। इसके बाद उस ज्योति को विशेषरूप से सजाए हुए वाहन में रख कर विद्यालय के सभी विद्यार्थी नगर प्रदक्षिणा करते हुए विद्यालय पहुंचे। इस कार्यक्रम में विद्यालय के सद






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